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Month: November 2019

कोई गुब्बारे सी

पानी में बुलबुलों के फव्वारे सी,ज़िंदगी मेरी मानो कोई गुब्बारे सी। किसकी सांसोंसे ज़िंदा हूं, जानता नहीं,कैसे, क्यों और कब तक, यह भी पता नहीं,वजूद…